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Body Massage In Winter: सरà¥à¤¦à¥€ में बॉडी मसाज के लिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खास है सरसों का तेल, जानें कब और कैसे करें मालिश
Winter Skin Care: सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में तà¥à¤µà¤šà¤¾ की मालिश करने के अपने फायदे होते हैं. यह ठंड से बचाव करती ही है, सà¥à¤•िन को हेलà¥à¤¦à¥€ और गà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤‚ग à¤à¥€ बनाती है. बस जरूरी है कि आप इसके लिठसही तेल का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें.
बॉडी मसाज के लिठसबसे सही तेल
Body Massage in Winter Season: बॉडी मसाज या तेल मालिश यूं तो हमेशा ही अचà¥à¤›à¥€ होती है. लेकिन सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में इसका महतà¥à¤µ कहीं अधिक बढ़ जाता है. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मालिश से रकà¥à¤¤ का संचार (Blood Circulation) बेहत बनता है, जिससे शरीर में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ रहती है और ठंड कम लगती है. साथ ही सरà¥à¤¦à¥€ के मौसम में ठंडी हवा के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ की नमी कम हो जाती है, जिससे शरीर में खà¥à¤¶à¥à¤•ी यानी डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨à¥‡à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है. यदि इस डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨à¥‡à¤¸ को अनदेखा किया जाठतो खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ परेशान करने लगती है. जबति तेल मालिश करके इन दोनों ही समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से आसानी से बचा जा सकता है.Â
अब सवाल यह उठता है कि मालिश करना तो ठीक है लेकिन सरà¥à¤¦à¥€ में मालिश के लिठकौन-सा तेल सबसे बेहतर रहेगा? तो इसका उतà¥à¤¤à¤° है सरसों का तेल. आइà¤, जानते हैं कि आखिर सरसों के तेल में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ खास है, जो इसे सरà¥à¤¦à¥€ में बॉडी मसाज के लिठबेहतर बनाता है.
सरसों तेल की खूबियां
सरसों का तेल तासीर में गरà¥à¤® होता है. यही कारण है कि यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, फंगस इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ को तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पनपने नहीं देता है.
à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² होने के कारण यह आपकी सà¥à¤•िन को हेलà¥à¤¦à¥€ और कà¥à¤²à¥€à¤¨ और हाइजेनिक रखने में मदद करता है.
अनà¥à¤¯ तेलों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सरसों का तेल अधिक à¤à¤¾à¤°à¥€ होता है, आप इसे à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ समठसकते हैं कि यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थिक होता है, जिस कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ को इसे सोखने में समय लगता है, अपनी इस खूबी के कारण यह मालिश के दौरान हैंड मूवमेंटà¥à¤¸ को सà¥à¤®à¥‚द बनाता है.
जब आप मालिश के दौरान इस तेल का उपयोग करते हैं तो यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पहले à¤à¤• लेयर के रूप में फैल जाता है, जिसे तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रोम छिदà¥à¤° धीरे-धीरे सोख लेते हैं. इस कारण इसे लगाते ही सरà¥à¤¦à¥€ का अहसास à¤à¥€ कम हो जाता है. आप डेली लाइफ में नहाने के बाद बहà¥à¤¤ थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में शरीर पर सरसों का तेल लगाकर देखें, ठंड लगनी तà¥à¤°à¤‚त बंद हो जाà¤à¤—ी.
यदि डेली लाइफ में आपके पास इतना समय होता है कि आप सरसों का तेल शरीर पर लगाने के बाद अचà¥à¤›à¥€ तरह मालिश कर सकें, तब तो आप इसे नियमित रूप से उपयोग करें. यदि à¤à¤¸à¤¾ नहीं है तो आप बादाम का तेल, तिल का तेल या जैतून का तेल à¤à¥€ उपयोग कर सकते हैं.
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में कितनी बार करनी चाहिठमालिश?
à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में कितनी बार मालिश करानी चाहिà¤, इसका जवाब हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठअलग-अलग होगा. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मालिश शरीर की आवशà¥à¤¯à¤•ता, आपकी जीवनशैली और आपकी जरूरत के ऊपर निरà¥à¤à¤° करती है.
यदि आप à¤à¤• आम लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² जीने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हैं, जो 8 से 10 घंटे के ऑफिस काम में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रहते हैं तो आपको सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में कम से कम à¤à¤• बार मालिश जरूर करानी चाहिà¤. इसके लिठआपको किसी पà¥à¤°à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² की मदद लेनी चाहिà¤. बाकी डेली लाइफ में सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सीजन में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बॉडी लोशन, ऑलिव ऑइल या फिर ऑलà¥à¤®à¤‚ड ऑइल का उपयोग जरूर करना चाहिà¤.
पैरों को रूखेपन से बचाने के लिठहर रात को सोने से पहले 10 मिनट अपने पैर के तलà¥à¤“ं पर मसाज करने के लिठरखें. इस दौरान आप सरसों तेल का उपयोग कर सकते हैं. रोज रात को सोने से पहले पैरों की मालिश सरसों के तेल से करने पर दिमाग शांत रहता है और नींद अचà¥à¤›à¥€ आती है.
मालिश कराने का सही समय कà¥à¤¯à¤¾ है?
मालिश कराने से पहले जिस à¤à¤• बात का खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, वह है कि आप कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने के तà¥à¤°à¤‚त बाद मालिश ना कराà¤à¤‚. इससे आपके पाचन पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है और आपको मालिश कराने के बाद à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की जगह थकान à¤à¥€ महसूस हो सकती है.Â
मालिश सà¥à¤¬à¤¹ के समय या फिर दोपहर में करानी चाहिà¤. लेकिन रात को फà¥à¤² बॉडी मसाज लेने से बचना चाहिà¤. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मसाज लेने के बाद कà¥à¤› देर आराम करना जरूरी होता है लेकिन लंबी नींद लेने से आप अगली सà¥à¤¬à¤¹ अधिक थकान का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं. या शरीर के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ हो सकता है.
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समय में मालिश करा रहे हैं तो पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि धूप में बैठकर आप मसाज करा पाà¤à¤‚ या फिर मसाज कराने के बाद कà¥à¤› समय के लिठधूप जरूर सेक पाà¤à¤‚. इससे सà¥à¤•िन में पेनिटà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ बढ़ता है और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥€ धूप से शरीर को मिलने वाली ऊषà¥à¤®à¤¾ यानी हीट मसलà¥à¤¸ रिपेयरिंग की सà¥à¤ªà¥€à¤¡ को बढ़ाती है.
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